नीम के पेड़ के अचूक औषधीय फ़ायदे,जाने

नीम का पेड़ , वही जो चलते चलते रास्ते में अपनी टहनियों की छाँह पसारे मिल जाता है, वही नीम का पेड़ जो चौपालों , नुक्कड़ों पे खड़ा खड़ा हर वक़्त को आते जाते देखता है, बरसों से बरसो तक इंसान के हर छोटे बड़े कष्ट में हर वक़्त संजीवनी बन कर खड़ा ये नीम का पेड़ ही तो है , नाम जितना छोटा फायदे उतने ही बड़े बड़े , जी हाँ हमारे आस पास कदम कदम पर मिल जाने वाला ये जाना पहचाना आम सा पेड़ , कितना ख़ास और उपयोगी है ये जानकार हैरान रह जाएंगे आप |

नीम बस एक पेड़ नहीं अपने आप में पूरा दवाखाना है | ये एक ऐसा पेड़ है जिसका अंश-अंश बहुउपयोगी है | नीम मानव समाज की सेवा हज़ारों सालों से करता आ रहा है, कहते हैं जब वैद्य नहीं थे तब नीम था | आइये जानते हैं हम अपने इस नीम के बारे में :

नीम एक सदाबहार पेड़ है, जिसका संस्कृत नाम निम्ब और ‘अरिष्ट’ भी कहा जाता है ,इसका वैज्ञानिक नाम आज़ादिरेक्ता- इण्डिका (Azadirachta indica ) अथवा Melia azadirachta है। नीम सदा से ही भारतीय उपमहाद्वीप के देशों में पाया जाता रहा है , मगर डेढ़ शताब्दी से यह अफ्रीका,अमेरिका ,ऑस्ट्रेलिया जैसे महाद्वीपों तथा अनेक उष्ण और उप-उष्ण कटिबन्धीय देशों तक पहुँच रहा है | नीम के चमत्कारों की स्वीकार्यता सम्पूर्ण विश्व में है|

नीम न सिर्फ औषधीय तत्वों के लिए विख्यात है बल्कि यह सूखे के प्रतिरोध के लिए भी जाना जाता है | यह हर मौसम में मानवता को अपनी सेवाएं प्रदान करता है, नीम कभी छुट्टी नहीं लेता | नीम के एक एक पत्ते में 147 से ज्यादा रासायनिक प्रबंध होते हैं , आयुर्वेद के आधार स्तंभ दो प्राचीन ग्रंथ ‘चरक संहिता’ और ‘सुश्रुत संहिता’ नीम को " लाख दुखों की एक दवा " बताते हैं |

हालांकि इसका स्वाद तो कड़वा होता है लेकिन इसके लाभ और गुण अनंत हैं। तो चलिए जानते हैं कि हमारा नीम हमें कितने फायदे प्रदान करता है , जिसके बारे में हमें पता ही नहीं होता !

* चेहरे के लिए नीम

1. साफ़ पानी में नीम की पत्तियों को उबालकर नहाने के पानी में इस्तेमाल करने से संक्रमण, मुँहासे और दाग धब्बों से छुटकारा मिलता है ।

2. रात को नीम के पानी में रुई को डुबो कर उससे अपने चेहरे को पोंछ लें, कील , मुँहासे और झाइयां साफ हो जाएंगे।

3. नीम की पत्तिायों को संतरे के छिलके के साथ पानी में उबालकर पेस्टे बनाकर इस्तेमाल करने से चेहरे से पिंपल, पुराने धब्बे और ब्लैटकहेड्स कम हो जाएंगे।

4. नीम छाल को जलाकर उसमें तुलसी रस मिलाकर चेहरे पे लगाने से दाग-धब्बे कम जाते हैं।

5. नीम की पत्तियों का रस पीने से चेहरे की चमक बढ़ जाती है।


* बालों के लिए नीम *

1. निबौरियों के रस को बालों में लगाया जाए तो जूएं खत्म हो जाती हैं।

2. नीम के पेस्ट को बालों में लगाने से रूसी खत्म हो जाती है

3. नीम पेस्ट के प्रयोग से बाल और मुलायम बनते हैं।

4. नीम की पत्तियों का रस पीने से बाल काले, घने और चमकदार बनते हैं।

5. नीम और बेर के पत्तों को पानी में उबालकर बाल धोयें (ठंडा कर के) कुछ दिनों के इस्तेमाल से बाल झडने बन्द हो जायेगें तथा काले व मज़बूत रहेंगें।

6. नीम का पाउडर से बालों में जूं और रूसी की समस्याब से छुटकारा पाया जा सकता है।

* रक्त के लिए नीम *

1. नीम के रस का प्रयोग आपकी रक्त धमनियों में हो रहे जमाव को साफ करता है।

2. नीम की पत्तियां चबाने से रक्त का शोधन होता है और त्वचा कांतियुक्त बनती है।

* पेट के लिए नीम *

1. नीम की पत्तियों को चबाने से हानिकारक बैक्टीरिया आंतों में ही नष्ट हो जाते हैं।

2. नीम का फूल व निबौरियां खाने से उदर रोग दूर रहते हैं ।

3 निबौरी का चूर्ण आधा चम्मच रात को गुनगुने पानी से पियें , कुछ दिनों के प्रयोग से कब्ज चला जाता है और आंतें मज़बूत होती है।

* त्वचा के लिए नीम *

1. निम्बौरी के तेल से जलने का जख्म जल्दी ठीक हो जाता है।

2. नहाने से पहले शरीर नीम का लेप कर कुछ देर बाद नहाने से शरीर की अच्छी सफाई होती है

3. नीम के लेप से आपके त्वचा के सारे बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं।

4. पानी में नीम की पत्तियां डालकर नहाने से तन दुर्गन्ध व घमौरियां दूर हो जाती हैं।

5. नीम के तेल में कपूर के इस्तेमाल से फुंसी और जख्म में तेज लाभ होता है

6. नीम का लेप सभी प्रकार के चर्म रोगों के निवारण में सहायक है।

7. नीम की चटनी से बनी गोली , सुबह-सुबह खाली पेट शहद के साथ निगलने से त्वचा की एलर्जी ठीक करता है । (इसके एक घंटे बाद तक कुछ भी न खाएं)

8. नीम और बेर के पत्तों को पानी में उबालकर स्नान करें (ठंडा कर के), चर्म रोगों के निवारण में सहायक है,
9. यह प्रयोग चेचक का उपचार करता है और उसके विषाणु को फैलने से रोकता है।

10. नीम के तेल से मसाज करने से अनेक प्रकार के चर्म विकारों में लाभ होता है।

11. नीम के पत्तों को रात भर पानी में भिगो कर सुबह स्नान करने से शरीर के कीटाणु समाप्त हो जाते हैं |

12. नीम के पेस्ट से फोड़े, फुंसियों में लाभ होता है

13. फोड़े फुंसियों के लिए आप नीम की छाल को घिस कर भी लगा सकते हैं

14. इसकी छाल त्वचा संबंधी बीमारियों में बहुत उपयोगी है।

* दांतों के लिए नीम

1. नीम छाल के रस से दाँतों और मसूढ़ों में लगने वाले बैक्टीरिया को पनप नहीं पाते, जिससे दाँत स्वस्थ रहते हैं।

2. नीम की दातून से दांत व मसूढे मज़बूत रहते हैं और दांतों में कीडा लगने का भय दूर होता है,

3. नीम की दातून से मुंह से दुर्गंध आना बंद हो जाता है।

4. एक भाग नीम का रस और दो भाग सेंधा नमक मिलाकर मंजन करने से दाढ़ का दर्द व पायरिया, आदि में लाभ होता है।

5. नीम पत्ती की किल्लियों को पानी में उबालकर कुल्ला करने से दाँतों का दर्द ठीक होता
कानों के लिए नीम:

दो भाग नीम की पत्तियों के रस और एक भाग शहद को कान में डालने से कान के विकारों में लाभ होता है।

* आँखों के लिए नीम *

1. नीम रस को आंखों में डालने से कंजेक्टिवाइटिस ठीक हो जाती है।

2. नीम का रस और मकोय का रस बराबर लेकर पलकों पर लगाने से लाल आँखों की दिक्कत दूर हो जाती है|

3. नीम के रस को ऑय ड्राप की तरह प्रयोग करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।

4. नीम का तेल आँखों के नीचे लगाने से झाइयों में भी लाब प्रदान करता है|

* बीमारियों के लिए नीम *

इसका अर्क हृदयरोग, हर्पीस, मधुमेह, हिपेटाइटिस (पीलिया) , कैंसर, एलर्जी, अल्सर, आदि रोगों के उपचार में अत्यंत उपयोगी है|

1. मधुमेह वाले लोगों को हर दिन नीम की एक गोली खाने से बहुत फायदा होता है। यह शरीर में इंसुलिन पैदा होने की क्रिया में तीव्रता लाता है।

2. नीम के अर्क में मधुमेह, बैक्टिरिया और वायरस से लड़ने के गुण पाए जाते हैं।

3. नीम के तने, जड़, छाल और निंबौरियों का अर्क मियादी रोगों में लाभ देता है।

4. इसकी छाल मलेरिया और त्वचा संबंधी बीमारियों में बहुत उपयोगी है।

5. यह कैंसर-कोशिकाओं को नष्ट करने का काम भी करता है। हर शरीर में कैंसर वाली कोशिकाएं होती हैं, लेकिन वे हर जगह बिखरी होती हैं। किसी प्रभाव या कारण से यदि आपके शरीर में ये कोशिकाएं एकजुट हो जाती हैं तो प्रतिदिन दिन नीम का सेवन करने से कैंसर वाली कोशिकाएं नियंत्रण में आ जाती हैं|

6. नीम की पत्तियां चटनी बना कर एक कप पानी में मिलाकर पीने से हैजा ठीक हो जाता है।

7. दो भाग नीम की पत्तियों के रस और एक भाग शहद को मिलाकर पीने से पीलिया में लाभ होता है,

8. निंबौरियों के बीजों के चूर्ण को ख़ाली पेट हल्के गर्म पानी के साथ पीने से बवासीर में काफ़ी लाभ होता है।

9. नीम की छाल के रस में धनिया पाउडर और सौंठ का चूर्ण मिलाकर लेने से मलेरिया में जल्दी फायदा होता है।
10. चेचक के रोगी को नीम की पत्तियों बिछाकर उस पर लिटाएं, लाभ होगा।

* मुँह/ ओरल प्रॉब्लम्स के लिए नीम

1. पत्तों में मौजूद बैक्टीरिया से लड़ने वाले गुण, छाले, वगैरह को दूर करने में मदद करते हैं।

2. नीम के पानी से कुल्ला करने से मुँह की दुर्गन्ध , आदि समाप्त हो जाती है .

3. नीम की दांतून से मुँह की बीमारियां नहीं होती.

4. निंबौरियां चबाकर पानी से कुल्ला करने से पूरे मुँह की अच्छी सफाई हो जाती है है।

देखा आपने कितना लाभकारी है तो अब आप भी इन उपायों को आजमाइए और अपने दैनिक जीवन में नीम को शामिल कीजिये|


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